Smart Signal: गुरुग्राम में ट्रैफिक सिग्नल हुए स्मार्ट, ट्रैफिक टॉवर से होगी लाइव मॉनिटरिंग
सिर्फ सामान्य सिग्नल नहीं हैं। ये एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ATCS) और व्हीकल डिटेक्टर कैमरों से लैस हैं। ये कैमरे सड़कों पर वाहनों की संख्या के अनुसार खुद-ब-खुद सिग्नल का समय तय कर लेते हैं

Smart Signal: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जीएमडीए ने स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल परियोजना का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे अब ट्रैफिक पुलिस के लिए सड़कों पर लाइव ट्रैफिक की निगरानी करना आसान हो गया है।
जीएमडीए के मुख्य महाप्रबंधक (मोबिलिटी डिवीजन) श्री आर. डी. सिंघल ने बताया कि फेज-1 के तहत सेक्टर 1 से 57 के बीच 109 चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा चुके हैं।

सभी सिग्नल अब जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के साथ-साथ सीधे ट्रैफिक टॉवर से भी जुड़े हुए हैं। इसका मतलब है कि ट्रैफिक पुलिस अब किसी भी चौराहे की लाइव फीड देखकर तुरंत सिग्नल का प्रबंधन कर सकती है, जिससे जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
जीएमडीए अब इस परियोजना के फेज-2 पर काम कर रहा है, जिसके तहत सेक्टर 58 से 115 तक के इलाकों को कवर किया जाएगा। इस चरण में कुल 32 चौराहों को शामिल किया गया है, जिनमें से 24 पर स्मार्ट सिग्नल स्थापित हो चुके हैं और 4 पर काम चल रहा है।

न्यू गुरुग्राम के जिन प्रमुख स्थानों पर ये नए सिग्नल लगे हैं, उनमें द्वारका एक्सप्रेसवे के पास, बजघेरा अंडरपास, रामपुरा-पटौदी रोड और जय सिंह चौक जैसे व्यस्त चौराहे शामिल हैं।
सिर्फ सामान्य सिग्नल नहीं हैं। ये एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ATCS) और व्हीकल डिटेक्टर कैमरों से लैस हैं। ये कैमरे सड़कों पर वाहनों की संख्या के अनुसार खुद-ब-खुद सिग्नल का समय तय कर लेते हैं, जिससे बेवजह इंतजार नहीं करना पड़ता। यह तकनीक जाम को कम करने और यातायात को सुगम बनाने में मदद करेगी।

इसके साथ ही, पैदल चलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यस्त चौराहों पर पैदल यात्रियों के लिए विशेष सिग्नल लाइट्स भी लगाई जा रही हैं।
फेज-1 को पूरा करने में 16.82 करोड़ रुपये की लागत आई है, जबकि फेज-2 का काम 7.43 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक गुरुग्राम को एक बेहतर और अधिक सुरक्षित शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।










